Tag Archive for Vivek Umrao Glendenning

Nomad’s Diary : खेती का प्रथम दिन – दंतेवाड़ा, छत्तीसगढ़

ये फोटो हैं सन् 2007 की जब दो वर्षों की सैकड़ों छोटी-छोटी मीटिंगों के बाद दो-चार गांवों के अादिवासी बंधु तैयार हुये खेती करने के लिये। साधुवाद नारायणपुर जिले में स्थापित रामकृष्ण मिशन के साथियों का जिन्होनें अपने कृषि फार्म्स में अादिवासी भाईयों को खेती करने के प्रारंभिक गुर सिखाये वह भी निःशुल्क। रुकने, खाने पीने तथा लिख…

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Bodhgaya National Seminar (27 to 29 November 2010) : Vivek Umrao Glendenning on Relevance of Genuine Tribal Leadership vs Mainstream Social Activism Corporate

Vivek Umrao Glendenning is talking on Relevance of Genuine Tribal Leadership vs Mainstream Social Activism Corporate in a National Seminar in Bodhgaya (27 to 29 November 2010). More than 100 very active persons from 11 states participated in the 3-days national seminar.

गाँधी होना कितना अासान है?? in Hindi

यह लेख उन लोगों के लिये बहुत ही लाभदायक है जो कि गाँधी होना चाहते है, सिर्फ चाहते ही नही हैं, गाँधी होने का प्रमाणपत्र भी चाहते हैं अौर प्रमाणपत्र से प्राप्त होने वाली विभिन्न सुविधाअों का, वाहवाही का भोग भी करना चाहते हैं।  चौंकिये मत ऐसे बहुत दुकानदार हैं भारत में जो गाँधी होने…

Corporate of Social Activism in India (first Draft in Hindi)

(यह लेख अभी अपूर्ण है, यह प्रस्तावना का पहला ड्राफ्ट है, अाप लोगो की सोच से, विचार से, काम करने के अनुभवों से यह एक बेहतर अौर परिष्कृत लेख बन पाये इसलिये यह बानगी अापको पेश है, मै स्वीकारता हूं कि इस लेख में अभी बहुत अधिक उठा पटक की जरुरत है-  विवेक उमराव ग्लेंडेनिंग)…

What does India really need for Transformation ?

What does India really need for Transformation ?  Electoral Politics   Or   Live Sources for Self-Motivations of Masses ———————————————————————————————————————————————————————— For the past 20 years more or less, I have been in touch (active or passive), have been working or have worked with various known Social Personalities, Media Celebrities of Social Activism in India, Known/Unknown Ground Activists, International Awardees,…

“Koya Wes” Social University, (“Aadiwaasi Prakaash/ Indigenous Light” University) South Bastar (Dantewada), Chhattisgarh

Why do we need Koya Wes Social University in South Bastar? South Bastar (Dantewada), West Bastar (Bijapur) and Narayanpur districts come under Fifth Schedule of the Indian Constitution. This region is one of the most unprivileged areas of India. Most important quality of this region is that- chemical fertilizers were never used in approximate 80%…